इंटरनेट का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन मे!
1 GB DATA आज का दौर इंटरनेट का दौर है कितने काम है जोकि चुटकी बजाते ही पूरे हो जाते है जैसे बिजली का बिल घर बैठे भरा जा सकता है ,ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते है ! हा हा मुजे पता है कि ये सभी इंटरनेट के फायदे हैं मगर इस इंटरनेट का दुष्परिणाम हमारे कहानी के मुख्य पात्र मयंक पेर पड़ रहे थे वह अभी सिर्फ 10 वी कक्षा मैं पड़ता है और इस साल उसकी बोर्ड की परीक्षा है किंतु वह अपनी परीक्षा के प्रति बिल्कुल भी सजग नही है ।उसकी सुबह शुरू होती है फोन से और खत्म भी उसी पर होती है स्कूल जाने के अलावा वह कभी भी सेल्फ स्टडी नही करता है।वह फ़ोन का आदि हो चुका है ,या तो उसे हर 5मिनट मैं सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ uplode करनी होती है या फिर या कोई फनी वीडियो डाऊनलोड और उसकी यही दिनचर्या बन चुकी है।अभी कल इसी कारण उसे eye चेककप कराने के लिए जाना पड़ा।.... पहले के समय मैं हर विद्यार्थी का कोई न कोई लक्ष्य होता था किंतु मयंक का रोज का लक्ष्य है 1 GB DATA खत्म करना ।। और उस 1 gb डाटा खत्म करने के चक्कर मे उसका कितना नुकसान हो रहा है ये शायद उसे पता नही ! मानती हूं कि इंटरनेट का आना समाज मे एक क्रांति के सम...