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Showing posts from June, 2018

इंटरनेट का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन मे!

1 GB DATA आज का दौर इंटरनेट का दौर है कितने काम है जोकि चुटकी बजाते ही पूरे हो जाते है  जैसे बिजली का बिल घर बैठे भरा जा सकता है ,ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते है ! हा हा मुजे पता है कि ये सभी इंटरनेट के फायदे हैं मगर इस इंटरनेट का दुष्परिणाम हमारे कहानी के मुख्य पात्र मयंक पेर पड़ रहे थे वह अभी सिर्फ 10 वी कक्षा मैं पड़ता है और इस साल उसकी बोर्ड की परीक्षा है किंतु वह अपनी परीक्षा के प्रति बिल्कुल भी सजग नही है ।उसकी सुबह शुरू होती है फोन से और खत्म भी उसी पर होती है स्कूल जाने के अलावा वह कभी भी सेल्फ स्टडी नही करता है।वह फ़ोन का आदि हो चुका है ,या तो उसे हर 5मिनट मैं सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ uplode करनी होती है या फिर या कोई फनी वीडियो डाऊनलोड और उसकी यही दिनचर्या बन चुकी है।अभी कल इसी कारण उसे eye चेककप कराने के लिए जाना पड़ा।.... पहले के समय मैं हर विद्यार्थी का कोई न कोई लक्ष्य होता था किंतु मयंक का रोज का लक्ष्य है 1 GB DATA  खत्म करना ।। और उस 1 gb डाटा खत्म करने के चक्कर मे उसका कितना नुकसान हो रहा है ये शायद उसे पता नही ! मानती हूं कि इंटरनेट का आना समाज मे एक क्रांति के सम...

क्या हुआ जो आज तुम हारे हो तो क्या हुआ??

फैल ही तो हुए हो कोन सी कोई जंग हार गए हो जिंदगी मै कोई भी ऐसा व्यक्ति आपको नही मिलेगा जो कहेगा कि मैं फैल ही नही हुआ। कोई छोटे स्तर पे तो कोई बड़े स्तर पर भिन्न -भिन्न चीजो मैं परास्त जरूर हुआ होगा। और हमें हमारे फेलियर से ही तो सीखने को मिलता है इसके लिए suicide करना मूर्खता है । अगर ज़िन्दगी मैं संघर्ष नही है तो ज़िन्दगी थोड़ी नीरस सी है । चलिए मैं एक कहानी के माध्यम से अवगत कराती हु की किस प्रकार आप सभी की तरह रमेश भी वही कदम उठाने जा रहा था जोकि आज का विद्यार्थी उठाता है(ये कहानी मेरे द्वारा रचित है तथा ये बिल्कुल काल्पनिकता पर आधारित है)! रमेश (12 कक्षा का विद्यार्थी है) परीक्षा खत्म हुए अभी दो ही दिन हुए थे कि रमेश को परीक्षा मैं फैल होने का भय सता रहा था जैसे जैसे परीक्षा की तिथि पास आ रही थी वैसे वैसे रमेश का डर अब एक आकर लेने लगा था ।यही कारण था कि वो नाही खाना ठीक से खा पा रहा था न ही सो पा रहा था ।डर तो इतना था कि वह अपने माता पिता से भी यह कहने मे डर रहा था कि उसकी परीक्षा खराब गयी धीरे धीरे परीक्षा की तीस तारीख़ भी सामने आके खडी हो गयी ।और रमेश का हौसला पहले से ही डग मगा रह...