रूठोगे तो मना लेंगे ...कविता...
रूठोगे मना लेंगे कोई बात नही दूरी बढ़ेगी तो पास बुलालेंगे कोई बात नही उदासी होगी जो इन लबो पे एक जाम हँसी का चूरा लेंगे...कोई बात नही कभी शब्द कम पड़े प्यार बताने मैं...तो इजाद कर लेंगे नये शब्द तो कोई बात नही... जब पकड़ के दामन तेरा हाथो मैं ..तुम हाथ छुड़ा लोगे तो.. कोई बात नही मिलना ना होगा अब ये कह के आंसू टपका लेंगे ...तो कोई बात नही के जाते जाते तन्हा कर दोगे इस दामन को आँसुओ से भर दोगे... तो कोई बात नही!! के दिल को तसली दे लूंगा..थोड़ा इल्जाम वक्त को दे दूंगा तो कोई बात नही.. मंजिल दोनो की अलग है...कहके दूरी बढ़ा लोगे तो कोई बात नही.. .....लीना....